Mahila Samaj Society Udaipur

मैत्री भाव जगत में मेरा सब जीवों पर नित्य रहे ,दीन दुःखी जीवों पर मेरे उर से करुणा स्त्रोत बहे |
रहे भावना ऐसी मेरी सरल सत्य व्यवहार करुँ,बने जहाँ तक इस जीवन में औरों का उपकार करुँ||

महिला समाज सोसाइटी का गौरवशाली प्रकाशन

महिला गौरव कोश प्रथम

प्रकाशन - "महिला समाज सोसाइटी" वर्ष - "2008"

कभी हार नही मानी हमने , जीत जीत बस जीत का हैं । दर्पण उजले अतीत का हैं , जीत जीत बस जीत का हैं |

महिला गौरव कोश द्वितीय

प्रकाशन - "महिला समाज सोसाइटी" वर्ष - "2014"

एक ज्योति थी रास्ता दिखा गयी , हर सलाह पर लाखों जिन्दगीयां बदल गयी ,
स्वप्न दृष्टा ने देखा स्वप्न उज्जवल समाज का, उस दिशा में हम कुछ कर पाये नमन द्वारा |

एक प्रयास- स्वास्थ्य के नाम

प्रकाशन - "महिला समाज सोसाइटी" वर्ष - "2017"

महाराणा प्रताप घास की रोटी खाकर व जंगल में रहकर सघर्ष कर सकते हैं तो -
आप घर परिवार में रहकर व (अनाज ) गेहूँ की रोटी खाकर संघर्ष क्यों नहीं कर सकते ?

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